कारगर बनेगी रसोई

और कारगर बनेगी रसोई

कुछ दशक पहले तक घर बड़े-बड़े होते थे। बड़े-बड़े कमरे, हॉल। रसोई भी कमरे जितनी होती थी, पर तरतीब से नहीं बनी होती थी। हर काम बैठकर होता था, व अलग-अलग चीजों के लिए अलग से स्पेस भी होता था।फ्लैट कल्चर कई सुविधाओं के साथ जगह को समेटती चली गयी। हर चीज करीने से बनी है आज फ्लैटों में। पर किचन की जगह में बहुत कटौती की गयी है। आज रसोई में घुसते ही सामान को एडजस्ट करने के लिए बहुत माथा-पच्ची करनी पड़ती है।

हालांकि इसके लिए आज मॉडुलर किचन का विकल्प आ गया है, जिसने चीजें कुछ आसान कर दी हैं, आज आपको रसोई के लिए भी इंटीरियर की सलाह पोजेशन के बाद भी मिल जाती है। लेकिन जितनी अच्छी सलाह हम स्वयं अपने को दे सकते हैं, कोई और नहीं दे सकता।

आईये सीमित स्पेस में हम अपनी रसोई को और कारगार बनाएं:
रसोई में कार्यकुशलता को दोगुना करने की क्षमता रखते हैं, किचन आइलैंड। यह छोटे से टापू के रूप में चलन में आये थे और अब किचन का जरूरी हिस्सा बनते जा रहे हैं। रसोई का व्यवस्थित रहना, घर की व्यवस्था से भी बढ़कर जरूरी है। यहीं से सबका खानपान ही नहीं सेहत की बुनियाद भी जुड़ी हुई है। मॉडुलर किचन की मौजूदगी ने बर्तनों व मसाले आदि के डिब्बों से जुड़ी बहुत सारी समस्याओं का निराकरण कर दिया है। लेकिन एक और हिस्सा है इसका, जिसे आमतौर पर हम भारतीय कम अपनाते हैं, वो है किचन आइलैंड।
रसोईघर में काम करते हुए सिंक, प्लेटफॉर्म और फ्रिज में ही घूमती रहती हैं आप। ऐसे में किचन आइलैंड एक सुकून की सांस की तरह सामने आता है।

पहले तय कर लें:

जैसे ही एक और हिस्से की बात आयी, तो आप सभी ने यही कहा होगा न कि जगह ही कहाँ होती है किचन में किसी और चीज के लिए? तो सबसे पहले यह कीजिये कि मान ही लें, किचन आइलैंड बनाना ही है। यकीन कीजिये यह बहुत उपयोगी है।

है क्या यह टापू?

आपके रसोईघर के बीच में एक ऐसी जगह जहां बैठकर आप काम कर सकते हैं। है क्या यह टापू?
आपके रसोईघर के बीच में एक ऐसी जगह जहां बैठकर आप काम कर सकते हैं। कुर्सियां बड़ा दीजिये, तो एक दो लोग बैठकर यहां अनौपचारिक रूप से कुछ खा पी भी सकते हैं। इसका चलन भी घर के लोगों का सुविधा से बैठकर नाश्ता आदि करने के लिए हुआ था। बाद में इसकी सतह को साफ करके गृहिणी सब्जी काटने या खाने की अन्य तैयारियों से जुड़े काम कर सकती हैं।

डाइनिंग स्पेस से दूर:

एक और फायदा है इस टापू का। यह किचन क्षेत्र और डाइनिंग की बैठक वाले क्षेत्र से महती भूमिका निभाता है। इसलिए इसे डाइनिंग के हिसाब से नहीं किचन के हिसाब से बनाया जाता है उसी रंग रूप में। इसका स्टाइल ऐसा होना चाहिए जो किचन के डिजाइन से मैच करे। उदहारण के लिए रस्टिक लुक किचन आइलैंड का चुनाव मॉडर्न किचन के लिए नहीं किया जा सकता।

रूप दो हैं इसके।

1. स्थाई आइलैंड:

किचन के मॉड्यूलर रूप का जुड़ा हुआ हिस्सा होता है। इसका होना छोटे परिवार की व्यवस्था को शानदार बना सकता है। खासतौर पर अपार्टमेंट वाली जीवन शैली में, जहां सुबह बात करने, अखबार पढ़ने, कुछ खाते पीते दिन की शुरुआत करने की कोई जगह नहीं होती। किचन आइलैंड का बैठकनुमा अनौपचारिक रूप परिवार को यह सहूलियत देता है।

2. घुमन्तु आइलैंड:

पहिये लगाकार भी किचन आइलैंड बनाया जाता है। इसके चलायमान होने से फायदा यह है ठेलकर आसानी से कहीं भी ले जाईये। टीवी देखते हुए बालकनी या बगीचे में बैठे बैठे भी सब्जियां काटने या भोजन की तैयारी के दूसरे काम किये जा सकते हैं।

स्पेस बचाना हो लक्ष्य:

सिंक के ऊपर छोटा सा बर्तन स्टैंड टांग लें। बर्तन धोते धोते ही स्टैंड पर लगते भी जाएंगे व पानी भी जल्द निथर जाएगा। स्टैंड पर कप लटकाने वाली जगह पर एक प्लास्टिक का स्टेण्ड टांग दें। दो में टाँगेंगे तो बैलेंस बना रहेगा। उसमें चाकÞू छुरी, पिलर आदि रखें। साथ के साथ धुल जाएंगे। पर शर्त है कि स्टेण्ड प्लास्टिक का जाली का हो ताकि पानी साथ के साथ निकल जाए।

रसोई के नेपकिन्स आदि रखने हैं। एक नेट का कपडे का थैला लें। उसमें नेपकिन्स अच्छी तरह फोल्ड कर रखें व दरवाजे के पीछे थैला टांग लें। नेपकिन्स भी सम्भले रहेंगे व फालतू फैलाव भी नहीं। खाना बनाने का एप्रिन भी दरवाजे के पीछे टांग लें। स्पेस बचेगा रखने का। यह चीजें तो टांगी जा सकती हैं।

रसोईघर को कारगर बनाने के कुछ अन्य टिप्स।

अच्छे कंटेनर्स लें। हफ्ते भर की सब्जी ख़रीदें। एक साथ मेज पर फैला लें। पति व बच्चों की मदद लें। सब सब्जियां काटकर एयर टाइट डिब्बों में अलग अलग भर कर जो पहले बनानी हों उन्हें नीचे रखें। यह कंटेनर्स अच्छे भी लगते हैं व जगह भी कम घेरते हैं। उसके बाद उन्हें ऊपर ऊपर रखें। इकट्ठी सब्जी लेने से आप पालक की डंडियाँ, गोभी के डंठल व मटर आदि के छिलकों की भी सब्जी काट कर रख सकती हैं। आप चेंज के लिए कभी कभी दाल के तौर पर उन्हें बना सकती हैं। मूली के पत्ते काट कर उसकी भुजिया भी बना सकती हैं। भुजिया का यह फायदा है कि उसमें आप कोई भी सब्जी मिला सकते हैं।

हटकर कर सकते हैं सजावट
माडर्न आइलैंड:

इसमें कुक बुक्स, फूड मैग्जींस, या अपनी डायरी या टिप्स कि बुक रखने रखने के लिए खास जगह बनाई जाती है। गुलदस्ते या किसी सजावटी पौधे को भी इस पर स्थान मिलता है।
ओल्ड विंडो आइलैंड: क्या अपने हल में ही अपने घर को रीमॉडल करवाया है और पुरानी चीजों के इस्तेमाल के बारे में सोच रहे है तो फौरन किसी कारपेंटर को बुलाकर घर के पुराने दरवाजे और खिड़कियों से एक किचन आइलैंड बनवा डालिये।

बहुउपयोगी टापू:

जो स्थायी आइलैंड बनवाना चाहें, वै इसकी सतह के तौर पर एक अतिरिक्त किचन टॉप तो पाएंगे ही, अगर इसके किनारे पर एक सिंक लगवा लें, तो सब्जियां काटकर धोने और रखने की भी अतिरिक्त जगह मिल जाएगी। कुछ लोग इसके नीचे छोटा फ्रिज भी फिट करवा लेते हैं।

सच्ची शिक्षा हिंदी मैगज़ीन से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें FacebookTwitterGoogle+, LinkedIn और InstagramYouTube  पर फॉलो करें।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here