Term Insurance: The bread, clothes and house of the family will always be safe

टर्म इंश्योरेंस: परिवार का रोटी, कपड़ा और मकान रहेगा हमेशा सुरक्षित Term Insurance: The bread, clothes and house of the family will always be safe

आज के समय में इंश्योरेंस घर-घर में गूंजने वाला नाम है। सभी आयु वर्ग के लोग जिसमें बच्चों से लेकर बूढ़े लोग भी शामिल हैं, बीमा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं के तहत बीमा कवर के अंतर्गत आते हैं। आपातकाल के दौरान ये व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न तरह के बीमा उपलब्ध हैं। इसी तरह टर्म इंश्योरेंस भी बीमा का ही एक प्रकार है, जो जीवन की अनिश्चितताओं के खिलाफ विस्तृत आर्थिक सुरक्षा पेश करता है।

टर्म इंश्योरेंस एक तरह की जीवन बीमा पॉलिसी है जो सीमित अवधि के लिए निश्चित भुगतान दर पर कवरेज प्रदान करती है। यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मृत्यु लाभ राशि नामांकित व्यक्ति को देय होती है। यह अनिश्चितता या मृत्यु की स्थिति में परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। जब आप टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का विचार करते है तो आपको टर्म इंश्योरेंस का मतलब जानना और समझना जरुरी है।

इसके साथ ही आपके परिवार और आपके लिए कौन सा प्लान योग्य होगा ये जानना भी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, आपके द्वारा चुने गए टर्म इंश्योरेंस का लाइफ कवर नियमित खर्चों, बच्चों की शिक्षा और अन्य दायित्वों के लिए आपके परिवार को लगने वाली पैसों की जरुरतों के लिए पर्याप्त होना चाहिए।

टर्म इंश्योरेंस प्लान की विशेषताएं:

  • प्रारंभिक आयु: न्यूनतम प्रारंभिक आयु 18 वर्ष और अधिकतम प्रारंभिक आयु 65 वर्ष।
  • छूट अवधि: पॉलिसी के प्रकार के अनुसार 15 से 30 दिन।
  • प्लान के प्रकार: यह योजना चुनने के संदर्भ में लचीलापन प्रदान करता है। आप सिंगल लाइफ या जॉइंट लाइफ के आधार पर प्लान चुन सकते हैं।
  • प्रीमियम टर्म का भुगतान: एकल भुगतान या सीमित भुगतान या नियमित भुगतान।
  • परिपक्वता की आयु: संपूर्ण जीवन के 25 वर्ष/ 65 वर्ष/ 75 वर्ष (पॉलिसी के अनुसार विभिन्न)
  • प्रीमियम की राशि: आवेदक की उम्र तथा बीमित राशि के आधार पर
  • पॉलिसी रिवाइवल (पुनर्जीवन): भुगतान न किये गए प्रीमियम की तारीख से दो वर्षों के अंदर।
  • नामांकन: नामांकन की सुविधा उपलब्ध।
  • प्रीमियम भुगतान की बारंबारता: मासिक या तिमाही या अर्द्धवार्षिक या वार्षिक भुगतान।
  • पॉलिसी कवरेज: परिपक्वता और मृत्यु लाभ।
  • बीमित राशि: विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा प्रस्तावित विभिन्न कंपनियों के अनुसार भिन्न भिन्न।

टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी से होने वाले लाभ:

आर्थिक सलाहकार अधिकांश रूप से टर्म पॉलिसी लेने की सलाह देते हैं। यह जीवन के सबसे महत्वपूर्ण जोखिम मृत्यु से निपटने में सहायता करता है। यह आपकी अनुपस्थिति में आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उत्तरजीवी व्यक्ति को इसका लाभ मिलता है।

टैक्स में मिलने वाले लाभ:

भुगतान किये गए प्रीमियम की राशि पर पॉलिसीधारक को 1961 के आयकर अधिनियम के तहत धारा 80-सी तथा धारा 10 (10डी) के तहत कर लाभ मिलता है।

मृत्यु लाभ:

यह नामांकित व्यक्ति को मृत्यु लाभ प्रदान करता है। यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान पॉलिसीधारक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उत्तरजीवी व्यक्ति को लाभ प्रदान किया जाता है।

परिपक्वता लाभ:

यदि पॉलिसी की अवधि पूरी होने तक पॉलिसी जारी रहती है तो अभी तक भुगतान किये गए प्रीमियम की राशि पर परिपक्वता लाभ प्रदान किया जाता है।

स्पेशल कवरेज:

टर्म इंश्योरेंस अतिरिक्त लाभ भी प्रदान करता है जैसे गंभीर बीमारी या एक्सीडेंट में मृत्यु या अपंगता।

कम प्रीमियम राशि:

यदि पॉलिसीधारक अपने जीवन में टर्म इंश्योरेंस जल्दी प्रारंभ करता है तो उसे कम प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। इंश्योरेंस खरीदते समय आप जितने जवान रहेंगे आपका इंश्योरेंस प्रीमियम उतना ही कम होगा।

छूट का अवसर:

लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां बीमित राशि की मात्रा बहुत अधिक होने पर, या धूम्रपान न करने वाले व्यक्तियों को या महिला निवेशकों को विशेष छूट प्रदान करती हैं क्योंकि उनके जीवन से कोई विशेष जोखिम जुड़ा नहीं रहता तथा इस प्रकार उन्हें सम्मान प्रदान करती हैं।

टर्म योजना किसे खरीदना चाहिए?

आदर्श रूप से, हर किसी को एक टर्म योजना खरीदना चाहिए। हालांकि, यदि आप एकमात्र कमाने वाले हैं या परिवार की आय में योगदान दे रहे हैं, तो आपको एक टर्म योजना खरीदना चाहिए। फिर भी,

नीचे उल्लिखित लोगों को निश्चित रूप से एक टर्म योजना खरीदना चाहिए:

  • यदि आप आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और अपने परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना चाहते हैं।
  • यदि आप परिवार में एकमात्र कमाने वाले हैं।
  • यदि आपके आश्रित-माता-पिता, पति/पत्नी इत्यादि हैं।
  • यदि आप अकेले हैं और परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
  • यदि आप एक व्यवसाय या स्टार्टअप चला रहे हैं।
  • यदि आपके बच्चे हैं और अपनी अनुपस्थिति में भी अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं।

    वैसे सभी लोग जो घर के कमाने वाले सदस्य के मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों को उनके रहन-सहन के तरीके को कायम रखने के लिए संघर्ष करते नहीं देखना चाहते, उनको टर्म इंश्योरेंस योजना खरीदना चाहिए। नीचे उल्लिखित प्रोफाइल के लोगों के लिए यह सबसे उपयुक्त है।

टर्म इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम कितना होता है?

जीवन बीमा की अन्य प्रकारों की तुलना में टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम सबसे कम होता है। प्रीमियम इसलिए कम होता है क्योंकि इसमें कोई निवेश घटक नहीं है और प्रीमियम की राशि का उपयोग जोखिम को कवर करने के लिए किया जाता है। पॉलिसी की अवधि समाप्त होने के बाद कोई परिपक्वता लाभ नहीं मिलता। पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर उत्तरजीवी को पॉलिसी की राशि मिलेगी।

टर्म इंश्योरेंस कब खरीदें?

30 वर्ष की आयु में टर्म इंश्योरेंस खरीदना सबसे अच्छा होता है। इस आयु में व्यक्ति एक जिम्मेदार वयस्क बन जाता है। तीस वर्ष की आयु में आप स्वस्थ रहते हैं, आपके पास अच्छी तनख्वाह की नौकरी होती है और आपक प्रारंभ किया होता है। आप घर खरीदने या बनाने की योजना बना रहे होते हैं।

जितनी जल्दी शुरू करेंगे उतना कम प्रीमियम

यदि आपकी आयु कम है तो इंश्योरेंस का प्रीमियम भी कम आएगा। उदाहरण के लिए यदि आप आपकी आयु 30 वर्ष है तो आप एक करोड़ रुपए तक का टर्म इंश्योरेंस खरीद सकते हैं वो भी प्रतिमाह केवल 523 रुपए के प्रीमियम चुकाकर। इसी राशि के लिए 40 वर्ष के व्यक्ति द्वारा टर्म इंश्योरेंस लेने पर उसके लिए प्रीमियम की राशि बढ़ जाती है। उसे एक करोड़ रुपए के टर्म इंश्योरेंस के लिए 914 रुपए प्रतिमाह चुकाने होंगे। अत: आप जितनी जल्दी टर्म इंश्योरेंस खरीदेंगे आपको उतना ही कम प्रीमियम देना होगा।

टर्म इंश्योरेंस की दावा प्रक्रिया:

अपने प्रियजनों को खोना दु:खदायी है। यह भावनात्मक विपत्ति और लंबे समय तक पीड़ा का कारण बनता है। जब कोई ऐसे भावनात्मक दु:ख से पीड़ित होता है, तो अन्य चीजों के बारे में सोचना आसान नहीं होता है, उदाहरण के लिए, वित्तीय स्थिरता या आय प्रवाह, जोकि कमाने वाले की अप्रत्याशित मौत के कारण उत्पन्न हो सकता है। यदि कमाने वाले के पास टर्म योजना है, तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि टर्म इंश्योरेंस योजना के मृत्यु की स्थिति में लाभ का दावा कैसे किया जाए।

एक टर्म इंश्योरेंस दावा दायर करना:

पहला कदम दावा दायर करना है। नामांकित/दावेदार को बीमा कंपनी को सूचित करना चाहिए और बीमाधारक की मृत्यु पर दावा दायर करना चाहिए। एक टर्म इंश्योरेंस दावा दायर करने के लिए, नामांकित/दावेदार को अपने किसी भी स्थापित दावा रिपोर्टिंग चैनलों के माध्यम से बीमा से संपर्क करने की आवश्यकता है

जैसे:

  • आॅनलाइन दावा सूचना के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के दावा अनुभाग पर जाएं।
  • बीमा कंपनी को उनकी 24* 7 टोल-फ्री दावा सूचना सेवा पर कॉल करें।
  • बीमा कंपनी के निकटतम शाखा कार्यालय जाएं।
  • प्रदान की गई ई-मेल आईडी पर उन्हें दावा सूचना ई-मेल करें।

कृपया ध्यान दें:

दावा औपचारिक रूप से स्वीकार्य और पंजीकृत हो जाएगा जब बीमाकर्ता को पूर्ण रूप से भरे हुए दावे फॉर्म के साथ दावे सेटलमेंट का लिखित अनुरोध और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज प्राप्त होता है। किसी को फोन कॉल के माध्यम से एक टर्म दावे दायर करना चाहिए या दावा प्रक्रिया को तेज करने के लिए बीमा कंपनी की शाखा जाना चाहिए।

दावा प्रक्रिया:

दावा प्रक्रिया तब शुरू होती है जब नामांकित/दावेदार सभी वैद्य और सहायक दावे दस्तावेजों के साथ एक पूर्ण रूप से भरे हुए दावे फॉर्म के साथ दावा दायर करता है।

टर्म इंश्योरेंस दावा प्रक्रिया से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बातें:

  • यदि नामांकित व्यक्ति बीमाधारक के साथ मर जाता है, तो भुगतान अगले उत्तराधिकारी को किया जाता है।
  • यदि, बीमाधारक से पहले नामांकित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो पॉलिसीधारक को योजना की अवधि समाप्त होने से पहले किसी अन्य व्यक्ति को नामांकित व्यक्ति के रूप में नियुक्त करने की आवश्यकता होती है।

कृपया ध्यान दें:

मौत के दावे को दाखिल करने से पहले पॉलिसी के शब्दों/दस्तावेज में उल्लिखित ‘बहिष्करण’ को कृपया पढ़ें क्योंकि इससे आपको किसी भी कठिनाई के बिना टर्म योजना के तहत मृत्यु दावा दर्ज करने में मदद मिलेगी।

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