इनवर्टर, एसी और गीजर का रखें ध्यान

इनवर्टर, एसी और गीजर का रखें ध्यान

बड़े-छोटे शहरों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इन गैजेट्स ने हमें आराम भी बहुत दिया है। पर कई बार थोड़ी सी लापरवाही के कारण बड़े हादसे भी हो जाते हैं जो जान पर मुसीबत बन जाते हैं। ऐसे में हमें चाहिए कि हम बहुत ध्यानपूर्वक इन चीजों को प्रयोग में लाएं। थोड़ी सी भी खराबी होने पर लापरवाही न बरतें। अच्छे मकेनिक या कंपनी वाले को दिखाएं ताकि बड़े हादसे से बचा जा सके।

इनवर्टर का रखें ध्यान:-

◘ इनवर्टर में जो बैटरी लगती है उससे निकलने वाली गैस सेहत को नुक्सान पहुंचाती है। इनवर्टर को खिड़की के पास या बाहर बरामदे में रखें ताकि गैस बाहर की ओर जाती रह सके।

◘ अगर बिजली चली गई है और इनर्वटर काम नहीं कर रहा तो माचिस की रोशनी से इसे चैक न करें। टार्च बेस्ट आॅप्शन है।

इसका प्रयोग करें।

◘ इनवर्टर में पानी की जांच हर तीन माह बाद जरूर करवाते रहें क्योंकि पानी सूखने पर बैटरी घर्षण के साथ अधिक गर्मी प्रदान कर फट सकती है।

◘ इनवर्टर पर किसी भी धातु का बर्तन न रखें, शार्ट सर्किट होने पर बर्तन में करंट आ सकता है।

◘ टी वी, फ्रिज, कंप्यूटर, गीजर जैसे विद्युत उपकरण इनवर्टर से दूर रखें। कभी खुदा न खास्ता इनवर्टर फटने पर इन्हें सबसे अधिक नुक्सान पहुंचता है।

◘ इनवर्टर प्लास्टिक ट्राली पर रखें, हो सके तो तारें भी प्लास्टिक या रबड़ के कवर में रखें ताकि करंट फैलने न पाए।

एसी का रखें ख्याल:-

◘ एसी की वायरिंग बढ़िया क्वालिटी की करवाएं। इसमें कंजूसी न बरतें।

◘ बेस्ट क्वालिटी का स्टेबलाइजर प्रयोग में लाएं।

◘ एसी को बार-बार आॅफ आॅन न करें क्योंकि जब हम एसी प्रारम्भ करते हैं तो 3500 वाट का लोड पड़ता है, जबकि रनिंग में 2000 वाट रह जाता है। बार बार आॅफ आॅन करने से एसी को नुकसान पहुंचता है।

◘ सर्दियों में भी एसी को सप्ताह में एक बार 5 मिनट के लिए चलाते रहें।

◘ एंटी फ्रीज कूलिंग प्रॉटेक्शन सिस्टम को मेंटेन करके रखें।

◘ कंडेंसर डेÑन पाइप की हर कुछ दिन बाद जांच करवाते रहें कि उसमें कोई रूकावट न हो। रूकावट होने पर एसी अधिक गर्म हो सकता है जो ठीक नहीं।

◘ कमरे के आकार का ध्यान रखते हुए एसी का चयन करें।

◘ सर्विस कराते समय कंप्रेसर, इवेपोरेटर, डेन टयूब, तारों की टूट फूट को चेक जरूर करवा लें।

गीजर की करें संभाल:-

◘ बाजार में बिजली वाले गीजर तो पिछले 4-5 दशक से उपलब्ध हैं। अब लोग गैस गीजर का प्रयोग बिजली वाले गीजर के मुकाबले अधिक करते हैं क्योंकि वह उन्हें सुरक्षित लगता है। कोई भी गीजर हो, उसकी संभाल व देखभाल करना आवश्यक होता है।

◘ गैस गीजर से करंट का खतरा तो नहीं होता पर गैस लीक कर सकती है। बिजली वाले गीजर के साथ यह डर नहीं है।

◘ इलेक्ट्रिक गीजर में कोई खराबी हो और पता न चले और बिजली का करंट उसमें जाता रहे तो ओवरहीट हो सकता है।

◘ इलेक्ट्रिक गीजर में पानी कई बार अधिक गर्म हो जाता है और त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।

◘ कई बार टंकी में पानी नहीं होता और गीजर आॅन कर दिया जाए तो जल्दी ओवर हीट होकर गीजर को नुक्सान पहुंचता है। गीजर आॅन करने से पूर्व पानी के प्रेशर को देख लें। -सुनीता गाबा

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