गर्मियों का तोहफा गन्ने का रस

गर्मियों का तोहफा गन्ने का रस :

गर्मी का मौसम अपनी चरम सीमा पर है। कोई भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहता, लेकिन विभिन्न तरह के काम-धंधों के चलते आपको बाहर तो जाना ही पड़ेगा। हालांकि चिलचिलाती धूप में शरीर जल उठता है, लेकिन ऐसे में इस गर्मी से बचाने का एक सहारा ‘गन्ने का रस’ भी है।

जी हां, गन्ने का रस व्यक्ति को गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाता है। दूसरी बात यह भी है कि अगर आपको ठंडे पेय पीने का शौक है, तो बजाये कोई सॉफ्ट ड्रिंक्स या डिब्बाबंद जूस पीने के, आप हर रोज एक गिलास गन्ने का रस पीएं, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

गर्मियों के मौसम में गन्ने के रस से ज्यादा पोषक और स्वस्थ रखने वाला कोई और रस नहीं हो सकता। गन्ने में मुख्यत: सुक्रोस पाया जाता है, जोकि गर्मियों के मौसम में ताजगी के साथ-साथ लाभ भी देता है। गन्ने के रस में जिंक, क्रोमियम, कोबाल्ट, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम और कॉपर से भरपूर होता है। इसमें विटामिन ए, सी, बी1, बी2, बी5, बी6 और लौह-तत्व, एंटीआॅक्सिडेंट, प्रोटीन, घुलनशील फाइबर भी पाया जाता है।

जब हम मिठास की बात करते हैं, विशेषकर भोजन में मिठास की, तो हमारा ध्यान बरबस गन्ने की ओर जाता है। गन्ने से हम अनेक रूपों में मिठास प्रदान करने वाले पदार्थ प्राप्त करते हैं, जैसे-गुड़, राब, शक्कर, खांड, बूरा, मिश्री, चीनी आदि। कहते हैं, विश्व में जितने क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है, उसका लगभग आधा यानि 50 प्रतिशत खेती हमारे देश में है। कोई आश्चर्य नहीं कि गन्ने की फसल हमारे देश की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक फसलों में से एक है और चीनी उद्योग भी हमारे देश के प्रमुख उद्योगों में है।

गन्ने का रस पीने के फायदे:

कैंसर से बचाव:
गन्ने के रस में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नेशियम की मात्रा इसके स्वाद को क्षारीय (खारा) करती है। इस रस में मौजूद यह तत्व हमें कैंसर से बचाते हैं। प्रोस्टेट और स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर से लड़ने में भी इसे कारगर माना जाता है।

तुरंत ताकत के लिए:

गन्ने के रस में प्राकृतिक तौर पर शुगर है, जो शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाती है और यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसके सेवन के तुरंत बाद आप ताजा और ऊजार्वान महसूस करेंगे। इस तरह गन्ने का रस आपको गर्मियों में डीहाइड्रेशन से बचाने में मददगार है।

पाचन-तंत्र को ठीक रखता है:

गन्ने के रस में पोटैशियम की अधिक मात्रा होने की वजह से यह शरीर के पाचनतंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह रस पाचनतंत्र सही रखने के साथ-साथ पेट में संक्रमण होने से भी बचाता है। गन्ने का रस कब्ज की समस्या को भी दूर करता है।

हृदय रोगों से बचाव:

गन्ने का रस दिल की बीमारियों से, जैसे दिल के दौरे के लिए भी बचावकारी है। गन्ने के रस से शरीर में कॉलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड का स्तर गिरता है। इस तरह धमनियों में फैट नहीं जमता और दिल व शरीर के अंगों के बीच खून का बहाव अच्छा रहता है।

वजन कम करने में सहायक:

गन्ने का रस शरीर में प्राकृतिक शक्कर पहुंचाकर, खराब कॉलेस्ट्रॉल को कम करता है, जो आपका वजन कम करने में सहायक होता है। इस रस में घुलनशील फाइबर होने के कारण वजन संतुलित रहता है।

त्वचा में निखार लाता है:

गन्ने के रस में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड पदार्थ होता है, जो त्वचा संबंधित परेशानियों को दूर करता है और इसमें कसाव लेकर आता है। मुहांसों से भी राहत पहुंचाता है। यह त्वचा के दाग कम करता है और त्वचा को नमी देकर झुर्रियों को कम करता है। गन्ने के रस को त्वचा पर लगाएं और सूखने के बाद पानी से धो लें। बस, इतना प्रयास करने पर ही आपकी त्वचा खिली-खिली और साफ नजर आएगी।

किडनी के लिए फायदेमंद:

गन्ने के रस में प्रोटीन अच्छी मात्रा में है। इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पीने से किडनी में संक्रमण, युरीन इन्फेक्शन, एसडीटी और पत्थरी जैसी समस्याओं में आराम मिल सकता है।

रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है:

गन्ने के रस में एंटीआॅक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में हैं, जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करते हैं। यह लिवर से जुड़े संक्रमण और पीलिया के मरीजों के लिए भी इसलिए ही फायदेमंद माना जाता है।

दांतों के लिए फायदेमंद:

इसमें मिनिरल्स अधिक होते हैं, इसलिए यह मुंह से संबंधित समस्या, जैसे- दांतों में सड़न और सांस की दुर्गंध से बचाव में मददगार है। सफेद चमकदार दांतों के लिए गन्ने के रस का सेवन करें।

बुखार से बचाव:

फेब्राइल डिसॉडर यानी प्रोटीन की कमी से बार-बार बुखार से बचाव के लिहाज से गन्ने का रस काफी फायदेमंद है।

लीवर को स्वस्थ रखता है:

गन्ना आपका बिलीरुबिन लेवल बनाए रखता है। इसलिए आयुर्वेद में इसका पीलिया के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। अध्ययन के अनुसार, ‘गन्ने का रस लीवर को डैमेज होने से बचाने में सहायक है। रोजाना एक गिलास रस पीने से पीलिया से पीड़ितों को लाभ होता है।’

गन्ने का रस पीने में बरतें सावधानियां:

* गन्ने का रस शक्कर का ही पहला रूप है। जिस प्रकार शक्कर से मोटापा बढ़ता है, उसी प्रकार इसमें मौजूद कैलोरी वजन बढ़ा सकती है। अत: अधिक मात्रा में गन्ने का रस पीने से वजन बढ़ सकता है। इसलिए उचित मात्रा में ही इसका उपयोग करना चाहिए।

* बाजार में गन्ने का रस पी रहे हैं, तो देख लेना चाहिए की गन्ना अच्छी तरह धुला हुआ हो। उस पर धूल, मिट्टी आदि ना हो। रस में मिलाये जाने वाली बर्फ अच्छा होना चाहिए। अन्यथा आप बीमार भी हो सकते हैं।

* गन्ना निकालने की मशीन पर गन्दगी हो सकती है, या कभी-कभी मशीन से तेल रिस कर रस में गिर सकता है, अत: इस सबका जरूर ध्यान रखें।

* बहुत देर पहले निकला हुआ गन्ने का रस खराब हो जाता है, इसलिए अपने सामने ही ताजा गन्ने का रस निकलवाएं, व उसे तुरंत ही पी लेना चाहिए।
– विशाल शर्मा

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