सोलर एनर्जी से चलेंगे वाहनों के एण्सीण्

सोलर एनर्जी से चलेंगे वाहनों के एसी
चुभती धूप में भी अपनी कार को ठंडा बनाये रखने में अब आपका एक पैसा भी ख़र्च नहीं होगा। एक नया उपकरण आपकी गाड़ी के इंजन ऑफ होने की स्थिति में भी सोलर पेनल्स की मदद से एण्सीण् को पावर देगा।

वाहन स्वामी अब चिल-चिलाती धूप में इंजन बंद करने के बाद भी गाड़ी का ए़़़ण्सीण् सिस्टम ऑन रख सकते हैं। इसे सम्भव बनाया है हांगकांग पॉलीटेक्नीक यूनिवर्सिटी और ग्रीन पावर इंडस्ट्रियल के वैज्ञानिकों ने। उन्होंने ऐसा एण्सीण् सिस्टम तैयार किया है जो तेज़ धूप को कार की अंदरूनी हवा को ठंडे झोंके में बदलेगा वह भी बगैर एक बूँद पेट्रोल या डीज़ल खर्च किये। यह सिस्टम सौर ऊर्जा से चलेगा।

कैसा है सिस्टमः

यह फोटोबॉल्टिक टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंट पावर कण्ट्रोल पर काम करता है। इस तकनीक में जैसे ही इंजन ऑफ़ होगा ऑन बोर्ड एयर कंडीशनर शुरू हो जाएगा, यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटिक होगी जिसमे ज़रा भी शोर नहीं होगा। इसकी मदद से वाहन में बैठे लोग उसकी खड़ी स्थिति में भी पसीने में नहीं नहायेंगे। इस तकनीक का लाभ सार्वजनिक वाहन भी उठा सकेंगे।

लचीले सोलर पेनल्सः

किसी बड़े सोलर पेनल्स की तरह इस सिस्टम में वाहन की छत पर सोलर फोटोबॉल्टिक पेनल्स लगाए जाएंगे। इनकी मदद से बनने वाली बिजली एक बैटरी में स्टोर होगी। सोलर पेनल्स बेहद लचीले होंगे ताकि छत की बनावट के अनुसार आकार ले सकें।

क्या होगा फायदाः

सर्वप्रथम तो वाहन की छत पर लगे सोलर पेनल्स थर्मल इन्सुलेशन का काम करेंगे। यानि भीतर के इंटीरियर और अन्य महंगे साज-ओ-सामान को तेज़ तापमान से बचाएंगे। फिर इंजन बंद होने के बाबजूद एण्सीण् ड्राइवर और अन्य सवारियों को ठंडक देता रहेगा।

कई होंगे फायदेः

खड़े वाहन का इंजन ऑन कर एसी चालू करना कई बातों के लिए गलत है। इससे इंजन समेत इंजन आयल भी प्रभावित होता है। पूरी तरह से कूलिंग के लिए कार को औसतन १० मिनट का समय लगता है। इस तरह एक साल में लगभग सौ लीटर पेट्रोल बर्बाद होता है। अब इस नए एण्सीण् सिस्टम से इस ईंधन की बचत हो सकेगी।

लागू हुई तकनीकः

सोलर पेनल्स से काम करने वाले एण्सीण् सिस्टम को हांगकांग के सार्वजनिक यातायात के वाहनों में लागू किया जा चुका है.। इसके आलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ हांगकांग ने भी विभिन्न एयरलाइन्स के वाहनों में इस सिस्टम को लगवाया है। मकसद इसके ज़रिये बिजली बचाना है।

आगे क्याः

वैज्ञानिक इसके और आधुनिक संस्करण पर काम कर रहे हैं। उनका इरादा सौर ऊर्जा से ही वाहनों का एण्सीण् सिस्टम चलाने का है। इस तरह ईंधन में और बचत की जा सकेगी।

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