save the cereals kept at home from the insects - Sachi Shiksha

हर घर में, चाहे वह शहरी हो और चाहे ग्रामीण, अनाज तो पेट की भूख शांत करने हेतु रखना ही पड़ता है! घर में रखे अनाज में कोई कीड़ा न लग जाये, इसको सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की होती है। जो महिलायें घर में रखे अनाज के प्रति लापरवाही बरतती हैं, उन्हें काफी नुक्सान उठाना पड़ता है।

अनुमान है कि महिलाओं की अज्ञानता के कारण भारत में कुल अनाज का ‘दस प्रतिशत’ खाद्यान्न प्रतिवर्ष अकारण नष्ट हो जाता है!
घर में रखा अनाज कीड़ों से खराब होने का मुख्य कारण है नमी। अनाज में कुछ नमी होती है पर ज्यादा प्रतिशत नमी होने पर अनाज में इल्ली, घुन अथवा फफंदी लग जाती है। इसलिये अनाज को कोठी आदि में स्टोर करने से पूर्व अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए।

कोठी में अनाज भरने की प्रणाली सब जगह है। गांवों में मिट्टी की कोठी होती है, शहरों में लोहे आदि की कोठियां काम में लेते हैं। मिट्टी की कोठियों को लीपते समय लीपने की मिट्टी में जी.एच.सी. पाउडर मिला लेना चाहिए।

लोहे की कोठियों को अच्छी तरह धो पोंछ कर साफ करें तथा धूप में अच्छी तरह सुखाएं। कोठियों का ढक्कन अच्छा फिट होना चाहिए। कोठी को, जिसमें अनाज भरा गया हो, ऐसे स्थान में रखना चाहिए जहां पानी की नमी न हो। गर्म स्थान के पास भी कोठी को नहीं रखना चाहिए। कोठी को जमीन, छत, दीवार आदि से थोड़ी दूरी बना कर रखें।
अनाज का भंडारण करने से पूर्व धूप में सुखाकर, छानकर साफ करके भरना चाहिए।

टूटे दानों में कीड़े जल्दी लगते हैं। अत: टूटे दानों को कोठियों में नहीं भरना चाहिए। पुराने व नये अनाज को मिलाकर भी नहीं भरना चाहिए।

अनाज को एक-दो वर्ष तक सुरक्षित रखना हो, तो उसके लिए महिलाओं को कुछ घरेलू नुस्खे अपनाने चाहिए।

*गेहूं, चावल, तुअर, अरहर आदि में एक क्विंटल में 500 ग्राम अरंडी का तेल डालकर अच्छी तरह चुपड़ कर भंडारण करें।

*गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, चावल आदि में राख मिलाकर रखें। राख नमी को सोख लेती है।

* साबुत मूंग, उड़द, चना, अरहर, मटर आदि में बारीक बालू रेत मिलाकर रखने से भी खराब नहीं होते।

* मूूंग, उड़द आदि दालों को तेल (खाने वाले) चुपड़ कर रखने से सुरक्षित रहते हैं।

* नीम के पत्ते भी कोठियों में अनाज के साथ डालने से कीड़े नहीं लगते।

* पारे को गीली मिट्टी में मिलाकर छोटी गोलियां बनाकर कपड़े में बांधकर रखें या थोड़े से बारीक पाउडर को भी अनाज में मिलाकर रख सकते हैं।

* डी. डी. टी. एम्पुल व सेलफॉस नामक रसायनों को कोठियों में प्रयोग करके सात दिनों तक हवा बंद (एयर टाइट) करके अनाज के सभी प्रकार के कीड़ों को नष्ट किया जा सकता है।

ये रसायन मनुष्य व पशुओं के लिये भी खतरनाक हैं,
अत: इन्हें प्रयोग करने से पूर्व सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर लें।
– मिश्री नाथ योगी

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