गलत आदतें छोड़ें, कामयाब बनें sachi shiksha

सफलता का स्वाद हर एंटरप्रेन्योर चखना चाहता है भले ही वह फे्रशर हो या फिर अनुभवी। हर कोई चाहता है कि वह अपने बिजनेस को कामयाबी की ऊंचाइयों तक ले जाए। हालांकि, बहुत से एंटरप्रेन्योर्स का यह सपना कभी हकीकत नहीं बन पाता और वह अपने बिजनेस को सफलता नहीं दिला पाते। वहीं, कुछ इस ख्वाब को पूरा करके कामयाबी के शिखर तक पहुंचते हैं। इन दो तरह के एंटरप्रेन्योर्स में जो चीज फर्क लाती है, वह है इनकी आदतें।

आदतों का जिंदगी पर बहुत प्रभाव पड़ता है। अगर आपकी आदतें सही नहीं हैं तो आपको विफलता का मुंह देखना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि कामयाबी हासिल करने के लिए आपको अपनी किन बुरी आदतों को समय रहते छोड़ देना चाहिए।

गलत मैनेजमेंट

अपने बिजनेस को कामयाबी के शिखर तक पहुंचाने के लिए आपको अपनी टीम को, अपने वर्कफ्लो को और अपने अजेंडा को सही तरह से मैनेज करना होता है। अगर आप अपने शेड्यूल को सही तरह से मैनेज नहीं करते तो आप कभी अपने प्रोडक्ट्स को समय से डिलीवर नहीं कर पाते और कभी सफल नहीं हो पाते। हमेशा याद रखें कि आपको अपने बिजनेस को कामबायी तक पहुंचाने के लिए बेहतरीन तरीके से उसका मैनेजमेंट करना होता है ताकि आपके स्टार्टअप की प्रोडक्टिविटी बढ़े और आपका स्टाफ सही तरह काम करे।

महत्वपूर्ण फैसले लेने में झिझक

एक एंटरप्रेन्योर होने के तौर पर आपकी यह जिम्मेदारी होती है कि आप अपने बिजनेस और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण फैसले लें। कई बार आपको कम समय में बहुत अहम फैसले लेने होते हैं। आपकी यही काबिलियत आपको सफलता दिलाने में मदद करती है। हालांकि, अगर आप महत्वपूर्ण फैसले लेने में झिझकते हैं और उन्हें लेने से बचते हैं तो आपकी यह आदत सही नहीं है। यह आपको कमजोर बनाती है और आप कभी सफलता के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ पाते। अगर आप सफलता पाना चाहते हैं तो आपको अपने फैसले खुद लेना सीखना चाहिए।

सेल्फ-सेंट्रिक

एक सफल एंटरप्रेन्योर वही होता है जो अपने साथ-साथ पूरी टीम को सफलता की ओर ले जाता है। अगर आप सेल्फ-सेंट्रिक हैं यानी सिर्फ अपने बारे में ही सोचते हैं और टीम से आपका कोई लेना-देना नहीं है तो आप सफलता हासिल नहीं कर सकते। आपको यह आदत सुधारनी चाहिए और दूसरों का ख्याल भी रखना चाहिए।

अधूरी फाइनेंशल प्लानिंग

सफलता हासिल करने के लिए आपको अपने बिजनेस के लिए सही और प्रभावशाली फाइनेंशल प्लानिंग करनी होती है। अगर आप अधूरी फाइनेंशल प्लानिंग करते हैं तो आपके स्टार्टअप को नुकसान हो सकता है और हो सकता है कि वह शुरूआती दौर में ही विफल हो जाए। कामयाबी हासिल करने के लिए अपनी यह आदत सुधारें।

सिर्फ बातें, काम नहीं

अधिकतर नए एंटरप्रेन्योर्स के पास कुछ प्रभावशाली आइडियाज होते हैं और वह अपना 80 प्रतिशत समय दूसरों के साथ उन आइडियाज के बारे में बात करने में निकाल देते हैं। वह यह भूल जाते हैं कि उन्हें इन आइडियाज को एग्जीक्यूट भी करना है। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो याद रखें कि अगर आप अपने आइडिया पर काम नहीं करेंगे और सिर्फ उसके बारे में बात करने में ही अपना समय बर्बाद करते रहेंगे तो आप कहीं नहीं पहुंचेंगे और आपका कामयाब होने का सपना कभी हकीकत नहीं बन सकेगा। अत: आपको सफलता हासिल करने के लिए अपनी यह गलत आदत समय रहते छोड़ देनी चाहिए और बातों के अलावा अपने आइडिया पर काम भी करना चाहिए।

अनगिनत बहाने

सफल और विफल एंटरप्रेन्योर्स में एक बहुत बड़ा अंतर यह होता है कि सफल एंटरप्रेन्योर्स विफलता मिलने पर बहाने नहीं बनाते और उसकी जिम्मेदारी खुद लेते हैं। वहीं, विफल एंटरप्रेन्योर्स के पास अनगिनत बहाने होते हैं। वह कभी अपनी विफलता के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानते और उसके लिए या तो किसी और को जिम्मेदार बना देते हैं या फिर कोई बहाना बना देते हैं। आपको सफलता हासिल करने के लिए अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सही तरह से योजना बनाकर आगे बढे की कोशिश करनी चाहिए।

फोकस की कमी

बहुत से एंटरप्रेन्योर्स ऐसे होते हैं जो बहुत आसानी से और काफी जल्दी हार मान लेते हैं और कोशिश करना छोड़ देते हैं। आपको याद रखना चाहिए कि किसी भी नए बिजनेस को फलने-फूलने में कई साल लग सकते हैं और शुरूआती 6 महीनों में ही रिजल्ट मिलना काफी मुश्किल होता है। रिजल्ट न मिलने पर बीच रास्ते में ही हार मान लेना आपकी सफलता के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। जब आप विफलता से दुखी होकर बीच में ही कोशिश करना छोड़ देते हैं और हार मान लेते हैं तो यह दशार्ता है कि आपमें फोकस की कमी है और आप किसी भी काम को ध्यान लगाकर नहीं कर सकते। आपको अपनी यह गलत आदत छोड़ देनी चाहिए और जो भी काम करें उस पर फोकस करना चाहिए।

अव्यवस्थित वर्क-लाइफ बैलेंस

सफलता हासिल करने के लिए आपको हर वक्त अपने बिजनेस में लगे रहने की जरूरत नहीं होती। आपको अपने वर्क-लाइफ बैलेंस को भी व्यवस्थित रखना होता है। अगर आप हमेशा काम में लगे रहते हैं और अपनी निजी जिंदगी को वक्त नहीं देते हैं तो आपको कुछ समय बाद इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। आपको समझना चाहिए कि काम के साथ-साथ आपका स्वास्थ्य, आपका परिवार, समाज आदि भी आपकी जिंदगी में महत्व रखते हैं। आपको इन सबके लिए भी वक्त निकालना चाहिए तभी वर्क-लाइफ बैलेंस सही रहेगा और तभी आप सफलता हासिल कर सकेंगे।

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