Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana - Sachi Shiksha

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक पेंशन स्कीम है। इसमें पेंशन का विकल्प चुनने के बाद वरिष्ठ नागिरकों यानी 60 साल से ज्यादा के उम्र के लोगों को 10 साल तक एक तय दर से गारंटिड पेंशन मिलती है। यदि इस दौरान स्कीम में निवेश करने वाले की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को खरीद मूल्य वापस किया जाता है। आज से एलआईसी इस योजना पर 7.40 फीसदी सालाना ब्याज देगी। योजना में अधिकतम 15 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इस जमा पर मासिक, तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर पेंशन को लिया जा सकता है।

भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की ब्याज दरें भी संशोधित कर दी हैं। अब वरिष्ठ नागिरकों को हर माह अधिकतम 9250 रुपये तक ब्याज के रूप में मिल सकेगा। एलआईसी ने योजना के लिए ब्याज दर को घटाकर 7.40 फीसदी सालाना कर दिया है। पिछले साल तक यह ब्याज दर 8 फीसदी थी। ब्याज दर घटने के बाद भी यह योजना इस वक्त वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा ब्याज दे रही है।

यह ब्याज एसबीआई में सीनियर सिटिजन को एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से करीब 1 फीसदी ज्यादा है। एसबीआई इस वक्त वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 6.5 फीसदी ब्याज दे रहा है। इस योजना में हर साल 1 अप्रैल को ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में इस योजना को जल्द लेने में ही फायदा है। सरकार ने इस योजना को 3 साल के लिए यानी 31 मार्च 2023 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

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Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana के लिए इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

  • पैन कार्ड की कॉपी
  • पते का प्रूफ (आधार, पासपोर्ट की प्रति)
  • उस बैंक पासबुक के पहले पेज की कॉपी जिसमें खाताधारक को पेंशन चाहिए

नोट

आईडी के लिए बैंक पासबुक या फोटो सहित आॅफिस पासबुक, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मनरेगा कार्ड, किसान फोटो पासबुक, गजटेड आॅफिसर की ओर से जारी सर्टिफिकेट आॅफ आइडेंटिटी या विभाग से निर्दिष्ट कोई अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं।

कौन ले सकता है पेंशन योजना

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में पेंशन लेने के लिए उम्र 60 साल की पूरी होना जरूरी है। हालांकि फिर अधिकतम उम्र की सीमा नहीं है। इस योजना में एक व्यक्ति अधिकतम 15 लाख रुपये जमा कर सकता है, वहीं न्यूनतम 1,56,658 रुपये का निवेश किया जा सकता है।

कैसे लें योजना में पेंशन

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के लिए आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। आॅनलाइन स्कीम में निवेश करने के लिए एलआईसी की वेबसाइट पर जाकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

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जानिए कितनी मिलेगी गारंटिड पेंशन

यदि कोई व्यक्ति इसमें 15 लाख रुपये का निवेश करता है। तो उसे सालाना 7.4 फीसदी की दर से ब्याज के मुताबिक, कुल 1,11,000 लाख रुपये का ब्याज मिलेगा। कैलकुलेशन के मुताबिक उसे निवेश करने के बाद एक साल में 1,611,000 रुपये की राशि हो जाएगी, यानी इस सरकारी स्कीम में 15 लाख निवेश करने पर सालाना 1,11,000 रुपये गारंटिड रिटर्न है।

स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों को 10 साल तक एक तय दर से गारंटिड पेंशन मिलता है, यानी 10 साल तक 1,11,000 रुपये तक सालाना रिटर्न लिया जा सकता है। यदि मासिक पेंशन के लिए आवेदन किया है तो 9250 रुपये हर महीने आपके बैंक खाते में 10 साल तक आते रहेंगे। वहीं तिमाही आधार पर यह 27750 रुपये मिलेगा, जबकि छमाही आधार पर पेंशन 55,500 रुपये मिलेंगे।

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana (पेंशन योजना) के लाभ

1. पेंशन भुगतान

यदि पालिसी धारक पूरे पालिसी अवधि अर्थात 10 साल तक जीवित रहता है तो उसके द्वारा चुनी गई अवधि (मासिक/तिमाही/छमाही/वार्षिक) के अंत में पेंशन का भुगतान किया जाएगा।

योजना में निवेश किए गए प्रत्येक 1000 रूपए पर:

  • मासिक मोड में 80 रूपए का भुगतान किया जाएगा।
  • तिमाही मोड में 80.5 रूपए का भुगतान किया जाएगा।
  • छिमाही मोड में 80.3 रूपए का भुगतान किया जाएगा।
  • वार्षिक मोड में 83 रूपए का भुगतान किया जाएगा।

2. मृत्यु लाभ

यदि पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी अवधि के 10 साल के भीतर होती है तो उसके नॉमिनी को खरीदी मुल्य वापस कर दी जाएगी।

3. परिपक्वता लाभ

यदि पॉलिसीधारक पूरे पालिसी अवधि अर्थात 10 साल तक जीवित रहता है तो उसे खरीदी रकम के साथ पेंशन की अंतिम किश्त का भुगतान किया जाएगा।

4. सरेंडर मूल्य

यह पॉलिसी आपको पालिसी अवधि के दौरान गंभीर परिस्थितियों में समयपुर्व सरेंडर की अनुमति देती है। यहाँ पर गंभीर परिस्थितियों का अर्थ आपको या आपके (पति/पत्नी) को किसी प्रकार की कोई क्रिटिकल/टर्मिनल बीमारी से है। ऐसी परिस्थिति में आप पालिसी सरेंडर कर सकते हैं और आपको खरीदी मुल्य की 98% राशि वापस मिल जाएगी।

5. लोन

पॉलिसी के तहत तीन साल पूरा होने पर लोन सुविधा उपलब्ध है। इसके तहत आप अधिकतम खरीदी मुल्य की 75% राशि लोन ले सकते हैं।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए, लोन पर लागू होने वाली ब्याज दर 10% प्रति वर्ष है।

6. फ्री लुक अवधि

यदि कोई पॉलिसीधारक पॉलिसी के “नियम और शर्तों” से संतुष्ट नहीं है, तो वह पॉलिसी की प्राप्ति की तारीख से पॉलिसी को 15 दिनों के भीतर निगम को आपत्ति के कारण के साथ वापस कर सकता/सकती है। (30 दिन अगर यह पॉलिसी आॅनलाइन खरीदी जाती है)। यदि वह ऐसा करता है तो उसे, स्टाम्प ड्यूटी और अगर किसी पेंशन की किश्त का भुगतान हुआ है तो वह शुल्क घटाकर पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

7. एक्सक्लूशन

आत्महत्या: यदि कोई पालिसीधारक आत्महत्या करता है तो उसके नॉमिनी को पूर्ण खरीदी मुल्य का भुगतान किया जाएगा।

8. टैक्स लाभ

आयकर 1961 की धारा 80सी के इस योजना के तहत जमा की गई राशि करमुक्त है। हालांकि जमा हुई राशि से अर्जित ब्याज पर आपको आयकर देना होगा।

प्रधान मंत्री वय वंदना योजना उदाहरण

मान लीजिए कि रमेश को निम्नलिखित विवरण के साथ इस योजना में निवेश किया है। वह अगले 10 वर्षों के लिए निश्चित नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए अपनी बचत से एक एकमुश्त राशि निवेश करता है।

आयु: 60 वर्ष
खरीद मूल्य: रुपये 7,50,000
पॉलिसी अवधि: 10 वर्ष
खरीद वर्ष: 2017
पेंशन मोड: मासिक

1. पेंशन लाभ

रमेश को प्रत्येक महीने के अंत में पेंशन राशि के रूप में 5,000 रूपए अगले 10 वर्ष तक मिलते रहेंगे। मिलने वाले ब्याज की दर 8% है तो (7,50,000 रुपये का 8%) /12 से जो भी राशि आएगी, वह हर महीने अगर वह 10 साल की अवधि तक जीवित रहता है, तो उसे मिलेगी।

2. परिपक्वता लाभ

10 वर्षों के पूरा होने पर रमेश को खरीदी मूल्य अर्थात 7,50,000 रूपए की रकम जो उसने योजना खरीदने के लिए भुगतान किया था उसे वापस मिल जाएगी।

3. मृत्यु लाभ

यदि 65 वर्ष की उम्र में रमेश की मृत्यु हो जाती है तो, उसे 65 वर्ष तक हर महीने पेंशन के रूप में 5000 का भुगतान किया जाएगा। और उसकी मृत्यु के बाद पालिसी की खरीदी मुल्य अर्थात 7,50,000 रूपए की राशि का भुगतान उसके नॉमिनी को किया जाएगा।

4. सरेंडर बेनिफिट

मान लीजिए कि 68 वर्ष की उम्र में रमेश को स्वयं या पत्नी के गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अपने पैसे की जरूरत होती है। ऐसे परिस्थिति में, 68 वर्ष की आयु तक तो उसे मासिक पेंशन के रूप में 5000 रूपए का भुगतान होता रहेगा, और 68 साल की उम्र में जब वह पॉलिसी को सरेंडर कर देता है, तो उसे खरीदी मूल्य का 98% रकम वापस कर दिया जाएगा। अर्थात 7,50,000 का 98% = 7,35,000 रु.।

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