इनसे दूर ही भले

इनसे दूर ही भले

बुरी संगत का असर बुरा ही होगा। इसलिए जिंदगी में कुछ लोगों और चीजों से दूरी बनाये रखने में ही भलाई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पास मौजूद कोई चीज तनाव देने लगे, तो उसे प्यार से दूर कर दें। सही समय पर उठाया गया आपका यह कदम जिंदगी भर का सुकून देगा। इस खास लिस्ट से आप भी रूबरू हो जाएँ-

अनदेखे-अनजाने दोस्त:

ज्यादातर इंटरनेट, मोबाइल पर समय बिताने वाले लोग अपनी निजी जिंदगी से दूर होते जाते हैं। इस बनावटी दुनिया से बाहर निकलकर सच्चाई, यानि अपनी जिंदगी जीयें। ईमानदारी से गिनकर देखिये कि साइट्स पर मौजूद अनगिनत दोस्तों में से कितनों को आप जानते हैं।

इस मुखोटे भरी दुनिया को अपने ऊपर हावी न होने दें। इससे निकलकर असल जिंदगी का आनंद उठायें। रीयल लाइफ से जुड़ें।

श्रीमान/सुश्री जजमेंटल:

सुश्री जजमेंटल व्यक्ति अपने सुझाव सामने रखते हुए आपको बेचारा साबित कर देते हैं। इन्हें लगता है कि सिर्फ वे ही आपके जीवन की समस्या सुलझा सकते हैं। सहानुभूति भरी उनकी यह आदत न सिर्फ आपको तनाव देती है, बल्कि आपका मनोबल भी गिराती है। आपकी जिंदगी को आप बेहतर जानते हैं। इसलिए कोई भी फैसला केवल दूसरों की सलाह से नहीं, बल्कि अपने विवेकानुसार करें।

नई राहें, पुराने दोस्त:

पुराने दोस्त बेहद खास होते हैं। उनके साथ बिताया गया अच्छा-बुरा हर समय यादों में बसा होता है। लेकिन पुराने पहलुओं के साथ-साथ नयेपन की दरकार हर जगह लागू होती है। इसलिए रिश्ते में ताजगी बनाये रखने के लिए नयी खुशियां इकठ्ठा करना न भूलें। आगे बढ़ना ही प्रगति का परिचायक होता है। ध्यान रखें, न तो आप ऐसे दोस्त बनें और कोशिश करें कि आपका भी कोई ऐसा दोस्त न हो।

एकतरफा दोस्ती:

रिश्ता जब दोनों तरफ से निभाया जाए, तभी आगे बढ़ता है। अपने मित्र या करीबी को हर बार आप ही फोन करते, मिलते या त्योहारों पर बधाईआं देते हैं और दूसरी और हाल चाल के लिए सालों बीत जाते हैं, तो यह संकेत है कि सामने वाला व्यक्ति उस रिश्ते को अहमियत नहीं दे रहा, आप भी संभल जाएँ।

आॅफिस की चिट-चैट:

खुद से एक सवाल करें कि क्या आप आॅफिस में गॉसिपिंग में वक्त जाया करते हैं। ज्यादातर लोगों का जवाब ‘न’ में होगा। लेकिन किसने क्या पहना है, क्यों पहना है, क्या किया है, कैसे किया है वगैरह सभी बातें इसी श्रेणी में आती हैं। गॉसिपिंग की माया से जितना दूर रहेंगे, उतना रचनात्मकता, कार्यक्षमता और समय की बचत होगी। साथ ही आॅफिस में आपकी साफ छवि भी बनेगी।

मतलब के रिश्ते:

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो सिर्फ मतलब के लिए आपको याद करते हैं। उदाहरण के लिए आपके द्वारा लंच या डिनर की पार्टी, फिल्म दिखाना या फिर छोटी-मोटी खरीददारी। और तो और वे लोग आपको भरोसा भी देते हैं कि बिल सांझा कर लेंगे, लेकिन कभी नहीं करते। ये लोग आपको मतलब के समय ही याद करते हैं। इन्हें आपकी सहूलियत से कोई वास्ता नहीं होता। इनसे बचकर रहना ही समझदारी होगी।

कड़वे के साथ करेला:

यदि आप ऐसे व्यक्ति के साथ रहते हैं, जो नकारात्मक ही सोचता है, बोझिल रहता है, गुस्सा करता है, लड़ता है, तो आप पर भी उसकी आदतों का असर होना तय है। उदाहरण के लिए यदि आपकी सहेली शक्की मिजाज की है, जो अक्सर अपने शक की दास्ताँ तुमसे बांटती है, तो इससे आपके भीतर भी शक की नींव पड़ सकती है। कोशिश करें कि कड़वाहट और नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति से दूर रहें।
-रिद्धिम खंडेलवाल

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