keep your health in a top priority Sachi Shiksha Hindi

शरीर का टॉप फ्लोर यानि कि दिमाग हमारे जीवन में और हमारे शरीर में इसकी कितनी अहमियत है, यह बताने की आवश्यकता शायद किसी को भी नहीं है।

हमारे शरीर की किसी भी क्रिया का संचालन दिमाग के बिना संभव नहीं है। सोचना, समझना, शरीर को निर्देशित करना, यहां तक कि सांस लेना व हार्मोन्स का नियंत्रण सभी कुछ कार्य हमारे दिमाग के द्वारा संपादित किये जाते हैं। इसलिए हमारे किए गए भोजन का अधिकांश हिस्सा दिमाग के पोषण के लिए चला जाता है।

दिमाग से कमजोर व्यक्ति समाज के साथ-साथ परिवार में भी उपेक्षित रह जाता है। हमारे जीवन की ऐसी कई आदतें हैं, जो हमारे दिमाग व उसके कार्य करने की क्षमता पर असर डालती हैं। आपको बताते हैं कि वो ऐसी कौन-कौन सी आदते हैं जो हमारे मस्तिष्क की बेहतरी के लिए हमें बदल लेना बहुत जरूरी है।

सोने में कोताही ना करें

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा किए गए एक शोध में यह कहा गया है कि जब हम सोते है तब हमारा दिमाग अपने में एकत्रित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर खुद को साफ करता है। यदि हम कम सोते हैं, तो यह विषैले पदार्थ हमारे दिमाग की कोशिकाओं को कमजोर बना याददाश्त कमजोर करता है।

ना करें धूम्रपान

धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के दिमाग की संज्ञानात्मक क्षमता बहुत कम होती है, ऐसा कई अध्ययनों में साबित हो चुका है। इसके अलावा धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को डिमेरिया व अल्जाइमर का भी खतरा होता है।

बहुत कम ना बोल

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग कम बातें करते हैं या कम सोचते हैं उनकी दिमाग की कोशिकाएं निष्क्रिय होकर सिकुड़ने लगती हैं और कोशिकाओं के सिकुड़ने से ब्रेन डेमेज का खतरा बढ़ता है। जब हम बातें करते हैं, सकारात्मक सोचते हैं तो यह कोशिकाएं सक्रिय होकर अधिक कार्य करती हैं यह हमारे दिमाग के लिए एक तरह से व्यायाम का कार्य करती है।

प्रदूषित जगह से दूर रहें

हमारे दिमाग को अच्छी तरह से कार्य करने के लिए शरीर के अन्य अंगों की तुलना में दस गुना अधिक आॅक्सीजन चाहिए होता है। वायु प्रदूषण वाली जगह दिमाग को पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन नहीं मिल पाती है, और उसकी कार्य क्षमता कम होती है।

जैसे-जैसे समय परिवर्तित होता है, वैसे परिस्थिति, खान-पान, रहन-सहन और विचारधारा इत्यादि में भी परिवर्तन आया है। हर व्यक्ति प्रतिस्पर्धा के इस दौर में आगे बढ़ना चाहता है।

ऐसा करने के लिए आवश्यकता होती है तेज दिमाग की, एक संतुलित विचारधारा व धैर्य की और याद्दाश्त को तेज करने की। यहां हम आपको कुछ ऐसे टॉनिक बता रहे हैं जिससे आपका दिमाग साधारण से बेहतर हो सकता है।

जटामांसी

आयुर्वेद में जटामांसी का उपयोग अनेक रोगों से मुक्ति के लिए किया जाता है। इसके औषधीय गुण से ना केवल दिमाग तेज होता है, बल्कि याद्दाश्त भी बढ़ती है। इसके इस्तेमाल के लिए 1 कप दूध में 1 चम्मच जटामांसी का पाउडर मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें।

शंख पुष्पी

याद करने की क्षमता को बढ़ाना, सीखने की इच्छा को जल्दी जाग्रत करना और दिमाग को शार्प बनाने में शंखपुष्पी का कोई मुकाबला नहीं है। एक कप गरम पानी में 1/2 चम्मच शंखपुष्पी का पाउडर मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन अवश्य करें।

ब्रह्मी

मस्तिष्क की शांति के लिए ब्राह्मी बहुत ही कारगर है। यह न सिर्फ दिमाग को तेज करता है, बल्कि उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाता है। तनाव की स्थिति से क्या हर कार्य को सरलतापूर्वक करने में सहायक होता है। इसका इस्तेमाल 1/2 कप पानी में 1/2 चम्मच ब्राही का चूर्ण और थोड़ा शहद मिलकार दिन में 2 बार लेवें।

हल्दी

हल्दी भारतीय व्यंजनों में रंग व सुगंध के लिए मसाले के रूप में प्रयुक्त की जाती है, मगर मसाले के साथ-साथ इसमें कई औषधीय गुण भी हैं, इसलिए इसका प्रयोग जड़ी-बूटी के रूप में भी किया जाता है। हल्दी में पाया जाने वाला कुरकुमीन नामक तत्व दिमाग की उन कोशिकाओं को दुरुस्त करता है जिनको किसी कारणवश क्षति पहुंच जाती है। अनिद्रा, तनाव, डिप्रेशन, क्रोध इत्यादि को भी हल्दी का इस्तेमाल दूर करता है।

आहार स्वस्थ तो दिमाग स्वस्थ्य

शरीर को पोषण देने के साथ-साथ दिमाग को भी पोषण की आवश्यकता होती है। मानसिक फिटनेस संपूर्ण फिटनेस के लिए अनिवार्य है। अपने रोजाना के खाद्य पदार्थों में कुछ चीजें शामिल कर मानसिक फिटनेस बढ़ा सकते हैं।

ओट्स

ओट्स मानसिक स्वास्थ्य व विकास के लिए बहुत उपयोगी होता है। ओट्स में कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में होता है, जो शरीर को लंबे समय तक उर्जा व ग्लूकोज देता है। ग्लूकोज मस्तिष्क की ऊर्जा का प्राथमिक स्त्रोत है।

अलसी

मानसिक स्वास्थ्य पाने में अलसी आपके लिए काफी मददगार साबित होती है। अलसी में मौजूद अल्फा लिनोलेनिक एसिड प्रचूर मात्रा में होता है जो सेरेव्रल कार्टेक्स के कामकाज को बेहतर बनाता है।

अखरोट

अखरोट में मौजूद विशिष्ट प्रकार के एंटी आॅक्सीडेंट और ओमेगा 3 फैटी एसिड मस्तिष्क की शांति बढ़ाने में फायदेमंद होते हैं। सुबह के नाश्ते के समय अखरोट का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है।

पत्तेदार हरी सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां मानसिक फिटनेस के साथ ही समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं, हावर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं के अनुसार जो व्यक्ति हरी पत्तेदार सब्जी जैसे पालक मेथी, या सब्जी जैसे फूलगोभी, व्रॉकोली खाते हैं, उनकी संज्ञात्मक गिरावट की दर धीमी रहती है।

बादाम

विटामीन-ई के सेवन से मेमोरीलॉस की शिकायत से बचा जा सकता है। बादाम में प्रचुर मात्रा में विटामीन-ई पाया जाता है। इसका लगातार प्रयोग ब्रेन को ताकतवर बनाता है। इसलिए इसका सेवन रोजाना करना चाहिए।

दिमाग को चुस्त रखने की कसरत

शरीर को चुस्त रखने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं। लेकिन लोग भूल जाते हैं कि शरीर के साथ-साथ दिमाग को तंदुरस्त रहना भी जरूरी है। कुछ एक्सरसाइज हैं, जिनसे आपका दिमाग शार्प होगा।

पजल्स खेलें

पजल्स गेम खेलने से अल्जाइमर का खतरा कम होता है, न्यूज पेपर के कार्य वर्ड और सुदोकू से खुद को चेलेंजकर दिमाग की कसरत रोजाना करें।

रोजमर्रा के कार्य के लिए नॉन-डोमिनेट हाथ का प्रयोग

दांतों को ब्रश करना या बालों को कंघी करना जैसे कार्य यदि हम उल्टे हाथ से करें तो इसका दिमाग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

कुछ कार्य आंख बंद करके करें

अपने रोज के कार्य जैसे खाना, जूस बनाना, नहाना इत्यादि आंख बंद करके करें। इसमें आपको सावधानी जरूर बरतनी होगी, लेकिन यह टास्क पूरी तरह से टच पर निर्भर है। इससे आपके दिमाग के वह हिस्से जागृत होंगे जो आमतौर पर निष्क्रिय रहते हैं।

नई भाषा सीखें

कोई भी भाषा जिसे सीखने में आपकी रूचि हो, रोज थोड़ा समय इस पर दें। एक स्टडी के मुताबिक बहुभाषियों की रीजनिंग अच्छी होती है। -वैद्य सत्यनारायण।

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