IIT grads, ex-Google execs ready to roll out ad-free search engine Neeva - Sachi Shiksha

गूगल के विकल्प के तौर पर जल्द ही दो भारतीयों का बनाया एक नया सर्च इंजन मिलने वाला है। आईआईटी के पूर्व छात्र और गूगल के एक्स-एम्पलाई रहे श्रीधर रामास्वामी और विवेक रघुनाथन इस साल एड-फ्री और प्राइवेट सर्च प्रोडक्ट के तौर पर नीवा सर्च इंजन लांच करेंगे। यह एक पेड प्रोडक्ट होगा।

रामास्वामी के अनुसार समय के साथ कंपनियों पर ज्यादा से ज्यादा एड दिखाने का दवाब बढ़ा है, जो वास्तव में यूजर्स नहीं चाहते हैं। इसलिए हमारी थीसिस यह है कि हम एक बेहतर सर्च प्रोडक्ट बनाएं, जो केवल ग्राहक की जरूरतों पर फोकस करता हो। वे अपनी ट्रेवल, शॉपिंग और सर्च इंफ्रास्ट्रक्चर टीम भी चलाते हैं। रघुनाथन ने आईआईटी मुंबई में पढ़ाई की और पहले यूट्यूब पर मोनिटाइजेशन के वाइस प्रेसिडेंट रहे। इसी तरह, विवेक गूगल असिस्टेंट के पहले टेक लीड थे। विवेक आईआईटी चेन्नई से ग्रैजुएट हैं।

नीवा सर्च र्इंजन क्या है और बाकी सर्च र्इंजन से कैसे अलग है:

नीवा सर्च र्इंजन भी बाकी सर्च र्इंजन की तरह यूजर के द्वारा सर्च की गई जानकारी को खोज कर दिखाता है। मगर जहां सभी दूसरे सर्च-इंजन अपने यूजर्स को बहुत सारे विज्ञापन दिखाते हैं (जैसे कुछ आपको पेज के ऊपर-नीचे व साइडों भी दिखते हैं) वही नीवा सर्च र्इंजन अपने यूजर्स को बिना कोई विज्ञापन दिखाये जानकारी मुहैया करवाएगा।
इसके साथ-साथ सभी दूसरे सर्च-इंजन जहां आपकी बहुत सारी जानकारी एकत्रित करते हैं (जैसे की आप कौन-से विज्ञापन पर क्लिक कर रहे हैं, आप कौन कौन-से सामान खरीदते हैं आदि) वहीं नीवा सर्च र्इंजन आपकी कोई भी निजी जानकारी एकत्रित नहीं करता।

इस प्रकार की एड फ्री सर्विस देना किसी भी सर्च र्इंजन कंपनी के लिए चुनौती भरा हो सकता है क्योंकि सभी सर्च-इंजन इसी प्रकार से पैसे कमाते हैं। इसलिए नीवा ने यह फैसला किया कि वर्ष 2021 में अपनी सभी सेवाएं पेड कर देंगे, वह अपने यूजर से प्रत्येक माह 10 डॉलर या 750 रुपये तक की सब्सक्रिप्शन फीस लेंगे।

इसमें वेदर-फॉरकास्ट और सर्च रैकिंग को माइक्रोसॉफ्ट बिंग से, और स्टॉक डाटा को इंटरीनियो और मैप्स को एप्पल मैप्स से लिया गया है। जब आप लोग नीवा से अपना माइक्रोसॉफ्ट, ड्रापबॉक्स और गूगल अकाउंट लिंक करेंगे तो फिर यह आपकी सभी जानकारी को ध्यान में रखते हुए, जो सर्च रिजल्ट आपके लिए सबसे काम के होंगे वही प्रकाशित करेगा। इससे आपको बिल्कुल आपके मतलब की जानकारियां ही दिखेंगी और आपका समय बर्बाद नहीं होगा।

नीवा सर्च र्इंजन आपको यह भी बताता रहेगा कि आपने किन रिटेलर को आपने कौन-से सामान का आॅर्डर दिया है और आप कौन-कौन से न्यूज पब्लिकेशन से न्यूज प्राप्त करते हैं उनके अपडेट्स आपको देता है।

नीवा सर्च र्इंजन और गूगल सर्च र्इंजन में मुख्य सात अंतर:

  • गूगल सर्च र्इंजन अपने यूजर से कोई पैसे नहीं लेता जबकि नीवा सर्च र्इंजन का इस्तेमाल करने के लिए इसके यूजर को प्रतिमाह 700 रुपये तक देने पड़ सकते हैं।
  • गूगल अपने यूजर को कई तरह के विज्ञापन दिखाता है जबकि नीवा सर्च र्इंजन में किसी भी प्रकार के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।
  • गूगल अपने यूजर का बहुत सारा डाटा एकत्रित करता रहता है और उनकी प्राइवेसी में दखल देता रहता है मगर नीवा सर्च र्इंजन अपने यूजर का सारा डाटा पूरी तरह सुरक्षित रखेगा।
  • गूगल में जहां आप केवल वेब सर्च ही कर सकते हैं, वहीं नीवा सर्च र्इंजन में आप अपनी पर्सनल फाइल्स भी सर्च कर सकते हैं।
  • नीवा सर्च र्इंजन अपने यूजर को जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए बिंग सर्च रिजल्ट, एप्पल मैप, वेदर डॉट कॉम जैसे जानकारी क्षेत्रों का उपयोग करता है जबकि गूगल खुद ही सारी जानकारी को इकट्ठा और प्रकाशित करता है।
  • नीवा सर्च र्इंजन ज्यादा पर्सनलाइज्ड और बेहतर सर्च-रिजल्ट दिखाने का दमखल रखता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सर्च-रिजल्ट में गूगल सर्च र्इंजन की तरह विज्ञापन नहीं दिखाता और केवल अच्छे और उपयोगी सामग्री को ही सबसे ऊपर रखता है।
  • गूगल सर्च र्इंजन जहां विज्ञापन दिखाकर कमाई करता है वहीं नीवा सर्च र्इंजन अपनी सब्सक्रप्शन फीस द्वारा कमाई करेगा।

नीवा सर्च र्इंजन की आवश्यकता क्यों:

श्रीधर रामास्वामी को गूगल का विज्ञापनों को यूजर से ज्यादा तवज्जो देना पसन्द नहीं आया और वो एक ऐसा सर्च-इंजन बनाने निकल पड़े जोकि अपने यूजर्स को विज्ञापन की जगह काम की जानकारी दिखाए।

इसके साथ-साथ गूगल अपने यूजर्स का बहुत सारा डाटा इकट्ठा करता था और उनकी प्राइवेसी में बार-बार दखल देता था। आज भी यदि आप एक कार के बारे में सर्च करते हो तो गूगल आपको रात-दिन कार के विज्ञापन दिखाता है और शायद कुछ कार-डीलर तो आपको कॉल भी कर लें। श्रीधर रामास्वामी को यह दखलअंदाजी भी पसन्द नहीं आई और उन्होंने नीवा को इस तरह से बनाया है कि यूजर की कोई भी निजी जानकारी, नीवा या किसी अन्य वेबसाइट के पास एकत्रित नहीं होगी। इससे यूजर्स की प्राइवेसी बिल्कुल सुरक्षित रहेगी।

लोगों की निजी जानकारी की इतनी ज्यादा सुरक्षा करने वाला नीवा एकलौता सर्च र्इंजन होगा। इसके बाद वो सभी लोग जिनको अपनी निजी जानकारी को सार्वजनिक करना पसंद नहीं है, वे सभी नीवा सर्च र्इंजन के द्वारा अपने पूरे डाटा को सुरक्षित रख पाएंगे।

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