Give the balcony a garden look

घर की बालकनी को दें गार्डन लुक
यदि आप अपने घर में बनी बॉलकनी को गॉर्डन लुक देना चाहते हैं तो आपको कुछ टिप्स बताएंगे जिससे आप अपने घर को लग्जरी लुक देने के साथ-साथ प्रकृति का भी आनंद ले सकते हैं।

बालकनी गार्डन बनाने के लिए बालकनी की दीवारों पर गमलों को लगाएं। साथ ही यदि बालकनी में रेलिंग है तो उसमें भी गमले लगाएं जा सकते हैं। घर की बालकनी में गमलों में सीजनल पौधे लगवाएं ताकि घर के बाहर हरियाली भी रहे और घर आकर्षक भी लगे। गमलों को ऐसे स्थान पर रखें जहां बालकनी में पौधों पर धूप आ सके। पौधे खरीदने से पहले उनकी प्रकृति के बारे में जानकारी जरूर लें ताकि पौधे खिले रह सकें।

यदि बालकनी बड़ी हो तो उसके एक ओर गमले रखें ताकि बाकी बालकनी का प्रयोग आप कर सके। ऐसे में ऊंचे गमले पीछे रखें और छोटे आगे रखें। कुछ पौधे ऐसे हैं जो सारा साल हरे रहते हैं। उन्हें अपने गार्डन में जरूर स्थान दें जैसे मनीप्लांटस, एलोवेरा फर्न, करी पत्ता, तुलसी, पुदीना, एस्पेरेगस, मोन्सटेरा आदि। इन्हें आप अलग आकार के गमलों में भी लगा सकते हैं। आजकल विभिन्न आकार के गमले बाजार में उपलब्ध हैं।

यदि आप ग्राउंड फ्लोर पर हैं और घर के बाहर कच्ची जमीन है तो कुछ पौधे उस जमीन पर लगा दें, कुछ गमलों में, और कुछ स्थान खाली छोड़कर उसमें घास लगा दें ताकि छोटा सा गार्डन या लॉन आपके घर के बाहर बन जाए। यह ध्यान रखें कि पौधे खिड़की के एकदम पास न रखें। थोड़ी सी दूरी बनाकर रखें।


पौधों पर पानी फव्वारे से दें। इससे पौधों पर पड़ी मिट्टी भी घुल जाती है और पौधों की जड़ें भी मिट्टी नहीं छोड़ती। डिब्बे या पाइप से पानी डालने पर पौधों की जड़े उखड़नें का डर रहता है और मिट्टी के गमलों से बाहर आने से बालकनी भी खराब होगी।

हर सप्ताह या दस दिन में एक बार खुर्पी से हल्की-हल्की गुड़ाई करनी चाहिए जिससे नमी वाली मिट्टी को ताजी हवा लग जाती है और नमी में पैदा होने वाले कीड़े भी नहीं पनपते। सूखे पत्तों को साथ-साथ अलग करते रहना चाहिए।

गर्मी में प्रतिदिन पौधों को पानी देना चाहिए और सर्दी में एक दिन छोड़कर।

तीन से चार माह के बाद सभी गमलों से मिट्टी निकालकर उसमें खाद मिलाकर पुन: गमलों में भर देनी चाहिए ताकि उन्हें उचित खुराक मिलती रह सके।

थोड़ी सी मेहनत और देखभाल से आप गाडर्निंग के शौक को पूरा सकते हैं और अपनी प्यारी सी बगिया को हरा भरा रख सकते हैं।

यदि आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी हरी बनी रहे तो, आवश्यकता है केवल थोड़ा सा ध्यान देने की:

छोटे-छोटे गमलों का ढेर

अक्सर ऐसा होता है कि बालकनी को सुंदर बनाने के चक्कर में लोग छोटे-छोटे गमलों का ढेर लगा लेते हैं। इससे खूबसूरती तो क्या ही बढ़ती होगी, अलबत्ता पौधों का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में कोई भी पौधा अपनी वास्तविक ग्रोथ नहीं कर पाता है और उसकी खूबसूरती अधूरी ही रह जाती है। गमलों का ढेर लगाने से बेहतर है कि कुछ बड़े आकार के गमले रखे जाएं, जिससे पौधों को बढ़ने के लिए पूरी जगह मिल सके।

सही गमलों का चयन:

गमलों का सही चयन किया जाना बेहद जरूरी है। एकबार पौधे को उसमें लगा देने के बाद उसका विकास गमले के आकार पर निर्भर करता है। गमले के निचले भाग में पानी सुराख होना चाहिए, जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर चला जाए। इसके साथ ही गमले में भरी जाने वाली मिट्टी का सही चुनाव किया जाना बेहद महत्त्वपूर्ण है। गमले में मिट्टी भरभरी होनी चाहिए न की ठूंस-ठूंसकर।

फर्श को दें मॉडर्न लुक:

यदि आप अपनी बालकनी को सजाने के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे पहले फर्श के बारे में सोचें। हो सके तो बालकनी के फर्श में सफेद या हल्के रंग के टाइल्स का इस्तेमाल करें। यह इसे मॉडर्न लुक देगा।

खाली पड़े गमलों में पौधे लगाएं

यदि आपकी बालकनी में कुछ गमले खाली पड़े हैं तो पौधे खरीद कर इसमें लगाएं। पौधे खरीदते समय बस इस बात का ध्यान रखें कि आप स्वस्थ पौधे ही खरीदें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपकी बालकनी में सूरज की कितनी रोशनी पहुंचती हो और उसी के अनुसार पौधों का चयन करें। बालकनी को सजाने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

पौधों का चयन:

गार्डन को हरा-भरा बनाए रखने के लिए सही पौधे का चयन किया जाना भी महत्त्वपूर्ण है। पौधे का चयन करने से पूर्व बालकनी का अच्छी तरह निरीक्षण कर लेना चाहिए। इसके बाद ही नर्सरी से स्वस्थ पौधे खरीदने चाहिए। पौधे खरीदने से पूर्व आपको पता होना चाहिए कि आपकी बालकनी में कितनी धूप आती है और किस पौधे को कितनी देखरेख की जरूरत है। अगर आपकी बालकनी में तेज धूप आती है और आपने अनजाने में शेड लविंग प्लांट खरीद लिए हैं तो इन पौधों का लंबे वक्त तक हरा-भरा बने रहना मुश्किल है।

पानी का सही अनुपात

पौधे लगाने के बाद उसमें पानी देते रहना एक निश्चित प्रक्रिया है लेकिन, आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि गमलों में लगे ज्यादातर पौधे पानी की कमी या फिर उसके अत्यधिक मात्रा में होने की वजह से सड़ जाते हैं। कई बार तो लोग नियमित रूप से पौधों में पानी देना ही भूल जाते हैं या फिर कई बार इतना पानी डाल देते हैं कि पौधे की जड़ें ही सड़ जाती हैं। पौधे के लिए दोनों ही स्थिति बुरी है।

कीटनाशक का चुनाव

सही कीटनाशक का चुनाव न करने की स्थिति में भी पौधा सूख जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि पौधे में कोई रोग लग जाता है और सही समय पर उसका पता नहीं चल पाता है, जिससे पौधा सूख जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि पौधे की सही देखरेख की जाती रहे और संदेह होने पर किसी विशेषज्ञ से सलाह ली जाए।

बालकनी को स्टोर रूम ना समझें

बालकनी गार्डन में किसी भी तरह का अन्य समान न रखें। अक्सर हम बालकनी में खिलौने या साइकिल रखा हुआ देखते हैं। आप ऐसा बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे घर काफी भद्दा नजर आने लगता है।

लैवेंडर से महकाएं

शायद ही कोई होगा जो अपनी बालकनी को हर मुमकिन तरीके से सजाना न चाहता हो। अपने बालकनी को अच्छे पौधों से सजाएं और अगर आप इन पौधों में लैवेंडर को भी शामिल करते हैं तो फिर बालकनी के साथ-साथ आपके रहने की जगह भी मनमोहक हो जाएगी।

डिफाइनिंग लाइन

अपनी बालकनी में डिफाइनिंग लाइन खींचें। पौधों को किनारे-किनारे रखें जिससे बालकनी ज्यादा बड़ी मालूम पड़े। बड़ी बालकनी में जब पौधों को किनारे पर रखा जाता है तो यह घेरे का भी काम करता है। वहीं छोटी बालकनी में ऐसा करने पर उसका लुक अच्छा हो जाता है। साथ ही अपनी बालकनी के लिए अच्छे रंगों का इस्तेमाल करें। हो सके तो तीन तरह के रंगों का इस्तेमाल करें, जिससे बालकनी की खूबसूरती निखर कर सामने आए।

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