Do not take medicines without doctor's advice - Sachi Shiksha

दवाएं दर्द मिटाने और बीमारी भगाने के लिए होती हैं, लेकिन अगर उन्हें सही तरीके और सही मात्रा में न लिया जाये, तो वे दर्द की वजह भी बन सकती हैं, इसीलिए दवाओं का सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

बिना पूछे न करें किसी भी दवा का सेवन

यदि आपकी दवा खत्म हो गई है, या जिस दवा का आप सेवन कर रहे हैं और अगर आसपास की केमिस्ट की दुकानों में वह नहीं मिल पा रही है, तो केमिस्ट के कहने पर उसकी जगह किसी दूसरी दवा का सेवन न करें। बेहतर है कि आप अपने डॉक्टर को फोन करें और उनसे दवा का कोई दूसरा सब्स्टीट्यूट बताने को कहें। डॉक्टर से दवा की डोज और उसके रख-रखाव से संबंधित जानकारी भी लें। यदि आप लंबे समय से किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो उसके साइड इफेक्ट और उससे निबटने के तरीकों की जानकारी भी रखें।

डॉक्टर द्वारा दवा लिखवाने के दौरान उसके साथ किये जाने वाले परहेजों के बारे में अवश्य पूछें। आप डॉक्टर से दवा लेने का सबसे अच्छे समय के बारे में भी पूछ सकते हैं। साथ ही दवा का एक डोज लेना भूल जाने पर क्या करना चाहिए, इस तरह की जानकारी भी लें। मॉनसून के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार और सिर दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में लोग विशेषज्ञ से इन समस्याओं से निजात पाने का रास्ता ढूंढने की बजाय खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं और आये दिन सिर दर्द व बुखार जैसी बीमारियां होने पर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर उसका सेवन शुरू कर देते हैं। इस रवैये के चलते अकसर दर्द से राहत देने वाली दवाएं दर्द का कारण भी बन जाती हैं। यदि आपको भी बिना डॉक्टर की सलाह लिये दवाओं का सेवन करने की बुरी आदत है, तो जरा इन बातों पर गौर फरमाएं।

सबके लिए एक नहीं होती खांसी की दवा

सर्दी, खांसी, जुकाम ऐसी समस्याएं हैं, जो लोगों को मौसम में सामान्य परिवर्तन होने पर भी अपना शिकार बना लेती हैं। ऐसे में लोग अकसर टीवी में दिखाये जानेवाले दवा के विज्ञापनों पर भरोसा करके उनका सेवन करना शुरू कर देते हैं। जबकि यह आदत लोगों की समस्या को कम करने की बजाय, उसे काफी गंभीर बना सकता है। जनरल फिजीशियन डॉ. अंकुर मेहता बताते हैं। खांसी दो प्रकार की होती है किसी को सूखी खांसी होती है तो किसी को बलगम वाली खांसी की समस्या होती है। ऐसे में दोनों तरह की खांसी के लिए अलग-अलग तरह की दवा का प्रयोग किया जाता है। टीवी पर दिखाये जाने वाले विज्ञापन पर आंख बंद कर भरोसा करना और गलत दवा का इस्तेमाल करना लोगों की तकलीफें बढा सकता है। आमतौर पर खांसी की दवाएं उतनी असरदार नहीं होतीं, जितना विज्ञापनों में दावा किया जाता है।

हो सकता है साइड इफेक्ट

अक्सर लोग अपने आप जिन दवाओं का सेवन करते हैं, उनके साइड इफेक्ट की जानकारी लेना जरूरी नहीं समझते। दवाओं के दुष्प्रभाव से बचने के लिए उनके साइड इफेक्ट के बारे में जानकारी लेना बेहद जरूरी होता है। यह जानकारी दवा के रैपर या बॉटल पर लिखी होती है। बहुत संभव है कि यह एक व्यक्ति को फायदा पहुंचा रही हो, लेकिन किसी दूसरे को उस दवाई का साइड इफेक्ट झेलना पडेÞ। यही कारण है कि डॉक्टर मरीजों को अपने मन से या मेडिकल स्टोर से ली गई किसी भी दवा के सेवन की आदत से दूर रहने की सलाह बार-बार देते हैं।

मायने रखती है मात्रा की सही जानकारी

डॉक्टर की परामर्श के बिना दवा का सेवन करना इसलिए भी नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि अपने आप दवा लेने पर आपको यह जानकारी नहीं होती कि आपको उस दवा की कितनी मात्रा लेनी है। सही प्रकार की दवा का इस्तेमाल जितना जरूरी है, सही मात्रा में उसका इस्तेमाल भी उतना ही जरूरी है। कई बार सही मात्रा की जानकारी न होना भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सर्दी-खांसी होने पर टीवी पर दिखाई जानेवाली दवाओं का जरूरत से ज्यादा सेवन करने लगते हैं। दरअसल, उन्हें यह गलतफहमी होती है कि ज्यादा मात्रा में दवा लेने से वह जल्दी ठीक हो जाएंगे, जबकि जरूरत से ज्यादा मात्रा में ली गई दवा अक्सर नई परेशानियां पैदा कर देती है।

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