Do not let children play too much games - Sachi Shiksha

बाहरी गतिविधियां

घर में यदि कोई गेम की लत से जूझ रहा है तो अभिभावक उन्हें बाहर निकलने के लिए प्रोत्साहित करें। पैरेंट्स को बच्चों को आउटडोर गेम्स और कसरत-व्यायाम करने के लिए तैयार करना चाहिए।

मोबाइल और इंटरनेट टाइम को तय करें

यह सलाह गेमिंग लत से जूझ रहे लोगों के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि यदि आप मोबाइल और इंटरनेट का समय सीमित कर देते हैं तो आपको दूसरे कामों के लिए भी वक्त मिलता है। अपने मोबाइल और इंटरनेट के समय को फिक्स कर दें।

इच्छाओं पर ध्यान दें

लगातार गेम खेलते रहने की आदत के कारण व्यक्ति अपनी पसंद की चीजों को नजरअंदाज करना शुरू कर देता है, जबकि यही चीज आपको गेमिंग डिसआॅर्डर से बचा सकती है। पैरेंट्स को भी बच्चों को उनकी पुरानी पसंदीदा चीजों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

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बच्चों की हरकतों को पैरेंट्स मॉनिटर करें

पैरेंट्स के लिए बच्चों की हरकतों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आमतौर पर कम उम्र के बच्चों के पास फोन नहीं होता है, लेकिन वे माता-पिता की डिवाइस का उपयोग करते हैं। इस मामले में तो आप काफी हद तक उनकी एक्टिविटीज को देख सकते हैं, लेकिन निजी मोबाइल फोन रखने वाले बच्चों के मामले में यह मुश्किल हो जाता है। ऐसे में माता-पिता उनकी आॅनलाइन गतिविधियों की जांच करते रहें। मॉनिटर करें कि बच्चा स्क्रीन पर ज्यादा वक्त कहां गुजार रहा है।

एक्सपर्ट्स की सलाह लें

यदि तमाम कोशिशों के बाद भी कोई व्यक्ति गेमिंग की लत से नहीं उबर पा रहा है तो आप एक्सपर्ट्स की सलाह लें। मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसे मामलों में साइकोथैरेपी बेहतर काम करती है।

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