12वीं के बाद करियर ऑप्शन

12वीं के बाद करियर ऑप्शन
यदि आप 12 वीं कक्षा के छात्र हैं तो अक्सर 12वीं का रिजल्ट आने के बाद आपके दिमाग में यह सवाल आता है कि 12 वीं के बाद क्या करना है? किस स्ट्रीम में जाना है? इत्यादि-इत्यादि। अधिकांश छात्र 12वीं में ही तय कर लेते हैं कि उन्हें आगे क्या करना है? 12वीं के छात्रों के लिए एक सही कोर्स का चुनाव करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि उनके इसी निर्णय पर मुख्य रूप से उनका करियर टिका होता है।

सही निर्णय छात्रों को उन्नतिशील रस्ते की ओर अग्रसर करते हैं जिनमें वे अपनी रूचि और क्षमता के अनुरूप बेहतर रिजल्ट दे पाते हैं। अगर इस दौरान छात्र अपनी क्षमता, रूचि तथा प्रतिभा के विपरीत किसी गलत कोर्स
का चयन कर लेते हैं तो इसका खामियाजा भविष्य में तो भुगतना ही पड़ता है छात्रों का अमूल्य समय भी बर्बाद होता है।

इंजीनियरिंग:

12वीं के बाद सबसे ज्यादा डिमांड वाला कोर्स है इंजीनियरिंग। फीजिक्स, केमेस्ट्री तथा मैथ्स विषय के साथ 12 वीं पास करने वाले छात्र इस कोर्स में एडमिशन लेने के पात्र होते हैं। वैसे भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए इन कॉलेज के इंट्रेंस एग्जाम होते हैं। इसमें सबसे लोकप्रिय संयुक्त
प्रवेश परीक्षा (जेईई) है, जो देश भर में इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित एक आम इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है।  मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सिविल एंड बीटेक्नोलॉजी कुछ सबसे पसंदीदा इंजीनियरिंग स्ट्रीम्स हैं। नैनो टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल,पेट्रोकेमिकल, ओसियन इंजीनियरिंग कोर्स भी इसी स्ट्रिम के अंतर्गत आते हैं।

मेडिकल साइंस:

इंजीनियरिंग के बाद, साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए दूसरा सबसे पसंदीदा विकल्प मेडिकल या मेडिसन होता है।
यदि आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आपके लिए सिर्फ मेडिकल स्ट्रीम ही है। 12 वीं के बाद मेडिकल साइंस स्टडीज के हिस्से के रूप में फार्मेसी, कृषि विज्ञान और प्राणीशास्त्र का अध्ययन किया जा सकता है। आजकल फार्मेसी में ग्रेजुएशन मेडिकल छात्रों के बीच एक बहुत ही लोकप्रिय पाठ्यक्रम है।

इसके अंतर्गत उन्हें यह सिखाया जाता है कि दवाएं कैसे बनाई जाती हैं, वे कैसे काम करते हैं ? फीजिक्स, केमेस्ट्री तथा बायोलॉजी विषय के साथ पास करने वाले छात्र एमबीबीएस सहित मेडिकल साइंस से जुड़े अन्य पाठ्यक्रमों का चयन कर सकते हैं। जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, आदि जैसे  विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल रिसर्च मेडिकल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण करियर के अवसर प्रदान करता है।

बायो टेक्नोलॉजी इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत नया कोर्स है। ग्रेजुएशन के बाद छात्रों के लिए करियर के भरपूर अवसर अवसर प्रदान कर रहा है। फिजियोथेरेपी, पोषण और आहार विज्ञान आदि जैसे पाठ्यक्रम भी विकल्प हैं।

कॉमर्स:

11वीं और 12वीं कक्षा में कॉमर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंसी सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रम विकल्पों में से एक है। सरकारी कानूनों के अनुसार कंपनियों के वित्तीय मामलों की सम्पूर्ण जानकारी सहित लेखा परीक्षा रिपोर्ट बनाने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और लेखा परीक्षा के माध्यम से कराधान, वित्तीय  लेनदेन आदि विषयों की जानकारी प्रदान की जाती है। बिजनेस मैनेजमेंट (बीबीए), बीकॉम, बीकॉम (एच), अर्थशास्त्र (एच), सीएस, लॉ, ट्रेवल एंड टूरिज्म आदि में ग्रेजुएशन है। 12वीं में बिना मैथ्स सब्जेक्ट लिए कॉमर्स की पढ़ाई करने वाले छात्र आगे चलकर कुछ उपलब्ध कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए पात्र नहीं होते हैं।

आर्ट्स विषय:

आर्ट्स के अंतर्गत अधिक संख्या में भिन्न भिन्न कोर्सेज की सुविधा के कारण छात्र अपनी रूचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों से आर्ट्स के प्रति छात्रों का झुकाव बढ़ा है। मास कम्युनिकेशन, पत्रकारिता, विज्ञापन, इंटीरियर डिजाइनिंग, ग्राफिक्स डिजाइनिंग, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, फैशन डिजाइनिंग, फोटोग्राफी, रंगमंच आदि विषयों में से आर्ट्स के स्टूडेंट्स किसी भी विषय का चयन कर सकते हैं।  एक आर्ट्स स्टूडेंट के रूप में आप लिंग्विस्टिक, रिलीजियस स्टडी, आर्ट रेस्टोरेशन, फॉरेन लैंग्वेज, फिल्म निर्माण, कला, इतिहास और ऐसे अन्य संबंधित क्षेत्रों का अध्ययन कर उसमें अपना करियर बना सकते हैं।

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