be careful about joint pains - Sachi Shiksha

जोड़ों में उठे कटकट तो हो जाएं सावधान उम्र के बढ़ते दौर में शरीर की हड्डियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं, लेकिन यदि हम सतर्क हैं तो समय रहते आने वाली समस्याओं से बच सकते हैं।

यदि आपके जोड़ों में उठते-बैठते अचानक कटकट की आवाज आती है, या चलते-चलते अचानक जोड़ों के चटकने की आवाज आती है, यदि आप के साथ ऐसा हो रहा है तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि सामान्य दिखने वाली यह कटकट की आवाज हड्डियों की एक बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। कटकट या हड्डी चटकने की इस आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है।

इस स्थिति को ‘नी पौपिंग’ भी कहा जाता है। इस समस्या का कारण जोड़ों के भीतर मौजूद द्रव के साथ जुड़ा हुआ है। इस द्रव में हवा के कारण बने बुलबुले फूटने लगते हैं, जिस के कारण जोड़ों में कटकट की आवाज आती है। यदि कटकट की आवाज के अलावा कोई अन्य समस्या नहीं है तो आप को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि इस के साथ अन्य लक्षण भी जुड़े हुए हैं, तो आप को जल्द से जल्द समस्या की जांच की जरूरत है।

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जब जोड़ों के मूवमेंट के दौरान वहां मौजूद कार्टिलेज घिसने लगते हैं, तो ऐसे में क्रेपिटस की समस्या होती है। जब इस समस्या में आवाज के साथ दर्द की शिकायत भी होने लगे तो समझिए कि समस्या गंभीर हो गई है। यह समस्या गठिया या जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकती है, इसलिए लापरवाही दिखाना आप के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।

कब आती है यह आवाज?

जोड़ों में क्रेपिटस यानी आवाज की समस्या जोड़ों के मुड़ने, स्क्वाट्स करने, सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, कुर्सी या जमीन से उठने-बैठने आदि के दौरान हो सकती है। आमतौर पर इस समस्या में चिंता वाली कोई बात नहीं है।

लेकिन यदि कार्टिलेज रफ हो जाए, तो यह धीरे-धीरे आस्टियोपोरोसिस की बीमारी में बदल जाती है।

समस्या की रोकथाम

इस समस्या में मरीज को कैल्शियम का सेवन करने के लिए कहा जाता है। क्रेपिटस के मरीज को एक दिन में 1,000 – 1,500 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। दूध और दूध से बनी चीजें, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, ओट्स, ब्राउन राइस, सोयाबीन आदि के सेवन से कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है।

  • रात को आधा चम्मच मेथी के दाने भिगो लें, सुबह उन्हें चबाचबा कर खाएं और फिर उस का पानी पी लें। नियमित रूप से ऐसा करने से जोड़ों से कटकट की आवाज आनी बंद हो जाएगी। इसके अलावा भुने चने के साथ गुड़ खाने से भी कटकट की आवाज दूर होती है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं।
  • विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है। हर दिन 15 मिनट के लिए धूप में बैठने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है, इसलिए सर्दी हो या गरमी, सुबह की कुनकुनी धूप का आनंद लेना कभी न भूलें।
  • टहलने और दौड़ने से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक क्षमता भी बढ़ती है। वजन उठाने वाली कसरत, चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना, ये व्यायाम हर उम्र में हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में लाभदायक हैं। इसके अलावा डांस भी एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। इसे करने में हर किसी को मजा भी आता है और हड्डियां भी सेहतमंद बनी रहती हैं।
  • वर्कआउट से पहले वार्मअप जरूर करें, क्योंकि वार्मअप हड्डियों और मांसपेशियों को लचीला बना देता है, जिससे जोड़ों में आवाज की समस्या की शिकायत नहीं होती है। यदि आप का वजन बहुत ज्यादा है, तो वजन को कम करें, क्योंकि मोटापा गठिया की समस्या का कारण बनता है।
  • हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें, क्योंकि पानी कई बीमारियों का रामबाण इलाज होने के साथ-साथ यह हड्डियों को भी मजबूत व लचीला बनाता है।

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